Uttarakhand :टिहरी जनपद के गजा क्षेत्र में आयोजित प्रथम गजा घंटाकर्ण महोत्सव-2025 का शुभारंभ उत्साह, श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने देवतुल्य जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और आस्था का उत्सव है, जिसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी का साझा उत्तरदायित्व है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान का अमृतकाल चल रहा है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण जैसे प्रकल्प इस सांस्कृतिक पुनर्जागरण के जीवंत प्रमाण हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश के धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और परंपराओं के संरक्षण हेतु सतत कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए विकसित उत्तराखंड का निर्माण अत्यंत आवश्यक है, जिसमें सरकार के साथ ही समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
महोत्सव से पूर्व मुख्य अतिथि ने घंटाकर्ण मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने राज्य आंदोलनकारी शहीद बेलमती चौहान जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह महोत्सव आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक प्रेरणा का केंद्र बनेगा और उत्तराखंड की आध्यात्मिक गरिमा को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाएगा।
