उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, गोरक्षपीठाधीश्वर एवं नाथ संप्रदाय के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत योगी आदित्यनाथ जी महाराज से लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर नाथ संप्रदाय के वरिष्ठ संतों ने शिष्टाचार भेंट कर पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। यह भेंट धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विषयों के साथ-साथ देशभर में स्थित नाथ संप्रदाय के मठ-मंदिरों के विकास एवं व्यवस्थाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
इस पावन अवसर पर बाबा मस्तनाथ मठाधीश्वर परम पूज्य श्री महंत बालक नाथ योगी जी महाराज का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। उनके साथ नाथ संप्रदाय के अनेक वरिष्ठ संत एवं महंत उपस्थित रहे, जिनमें पूज्य श्री महंत कृष्ण नाथ जी महाराज, श्री महंत समुंदर नाथ जी महाराज सहित अन्य पूज्य संतजन शामिल रहे।
बैठक के दौरान नाथ संप्रदाय की देशव्यापी धार्मिक परंपरा, मठ-मंदिरों की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज को नाथ परंपरा की वर्तमान गतिविधियों एवं भावी योजनाओं से भी अवगत कराया। इस अवसर पर गुरु गोरखनाथ मंदिर गोरखधाम (गोरखधूना), चम्पावत के महंत योगी रामनाथ जी महाराज ने विशेष रूप से माननीय मुख्यमंत्री जी को मंदिर दर्शन हेतु पुनः आमंत्रित किया।
इस विषय पर सकारात्मक चर्चा हुई तथा आशा व्यक्त की गई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी शीघ्र ही चम्पावत स्थित विश्व प्रसिद्ध गोरखनाथ धुना के दर्शन हेतु पधारेंगे। मुख्यमंत्री ने भी चम्पावत आने की अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि अवसर मिलते ही वह अवश्य दर्शन करेंगे। नाथ संप्रदाय के संतों ने गोरक्षपीठाधीश्वर एवं नाथ संप्रदाय के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विकास कार्यों की सराहना करते हुए समाज में सनातन मूल्यों को सुदृढ़ करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। यह शिष्टाचार भेंट नाथ संप्रदाय और शासन-प्रशासन के बीच आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समन्वय का सशक्त प्रतीक मानी जा रही है।
