महाकुंभ 2027 की तैयारियों के तहत रेलवे स्टेशन के बाहरी क्षेत्र का कायाकल्प शुरू, श्रद्धालुओं को मिलेगा सुंदर, स्वच्छ और सुविधाजनक पैदल मार्ग
दशकों पुरानी अव्यवस्था से मुक्ति, बदल रही धर्मनगरी की तस्वीर
हरिद्वार। विश्वप्रसिद्ध तीर्थनगरी हरिद्वार आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राहतभरी खबर है। रेलवे स्टेशन के बाहर वर्षों से व्याप्त अतिक्रमण, अव्यवस्थित यातायात और गंदगी से प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर अब बदलने लगी है। आगामी कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के अंतर्गत मेला प्रशासन ने रेलवे स्टेशन के बाहरी क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही यात्रियों को लंबे समय से अवैध फड़-फेरी, बेतरतीब खड़े वाहनों और संकरे पैदल मार्ग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। विशेष रूप से हर की पौड़ी जाने वाले श्रद्धालुओं, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को आवागमन में भारी असुविधा होती थी। अब प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाकर इस क्षेत्र में एक भव्य और आधुनिक पाथवे के निर्माण का कार्य शुरू कराया गया है।
इस पहल से रेलवे स्टेशन के आसपास का क्षेत्र खुला और व्यवस्थित होने लगा है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यात्रियों को एक सुरक्षित एवं सुविधाजनक पैदल मार्ग उपलब्ध होगा, जो धर्मनगरी में प्रवेश करते ही उन्हें एक सुंदर और सकारात्मक अनुभव प्रदान करेगा।
राजस्थानी पत्थरों की नक्काशी और हरियाली से निखरेगा मार्ग का सौंदर्य
रेलवे स्टेशन के बाहरी क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस पाथवे की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली होगी। मार्ग को आकर्षक स्वरूप देने के लिए राजस्थान के लाल सैंडस्टोन से निर्मित सुंदर नक्काशीदार प्लांटर लगाए जा रहे हैं। इन पत्थरों पर उकेरी गई कलात्मक आकृतियाँ राजस्थान की समृद्ध शिल्पकला और भारतीय सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत करेंगी।
पाथवे के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और यात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। योजना के अंतर्गत आकर्षक हरित पट्टी, सजावटी पौधे, लोहे की डिजाइनदार रेलिंग और प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। यात्रियों को धूप और गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से हरियाली बढ़ाने तथा पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने की भी योजना है।
करीब 500 मीटर लंबे प्रस्तावित विकास कार्य में लगभग तीन मीटर चौड़े पैदल मार्ग की व्यवस्था रखी गई है। इससे श्रद्धालुओं को सड़क पर चलने की मजबूरी से राहत मिलेगी और वाहनों तथा पैदल यात्रियों के आवागमन को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
कुंभ 2027 से पहले श्रद्धालुओं को मिलेगी नई सुविधा, व्यापारियों में भी उत्साह
हरिद्वार रेलवे स्टेशन धर्मनगरी में प्रवेश करने वाले यात्रियों के प्रमुख केंद्रों में से एक है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर की पौड़ी, प्रमुख मंदिरों, धर्मशालाओं और शहर के विभिन्न क्षेत्रों की ओर प्रस्थान करते हैं। ऐसे में स्टेशन के बाहर सुव्यवस्थित पैदल मार्ग का निर्माण केवल सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं, बल्कि यात्री सुविधाओं और शहर की आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस विकास कार्य को लेकर स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों में भी उत्साह है। उनका मानना है कि रेलवे स्टेशन के आसपास स्वच्छता, सुंदरता और यातायात व्यवस्था में सुधार होने से तीर्थयात्रियों को सुविधा मिलेगी तथा स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
आगामी कुंभ मेला 2027 के दृष्टिगत यह परियोजना विशेष महत्व रखती है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद रेलवे स्टेशन के बाहर का क्षेत्र राजस्थानी पत्थरों की सुंदर नक्काशी, आकर्षक हरियाली और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नजर आएगा।
धर्मनगरी की पहचान अब केवल उसकी आध्यात्मिक विरासत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्वच्छता, सुंदरता और सुव्यवस्थित यात्री सुविधाएँ भी हरिद्वार की नई तस्वीर प्रस्तुत करेंगी।
