देहरादून — प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ किए गए विकसित कृषि संकल्प अभियान का शुभारंभ उत्तराखंड के देहरादून जनपद स्थित गुनियाल गांव से किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों ने विभिन्न कृषि तकनीकों से संबंधित स्टॉलों का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री न उपस्थित किसान भाई-बहनों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना।
इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों से उन्नत बीज, मृदा परीक्षण, जलवायु अनुकूल फसल चयन तथा स्मार्ट खेती से जुड़ी तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी भी साझा की गई।
● किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास
यह अभियान केवल एक योजना न होकर, “विकसित भारत” के लक्ष्य की दिशा में उठाया गया एक ठोस और क्रांतिकारी कदम है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से लैस कर उन्हें बदलते मौसम, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक कृषि बाजार की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करना है।
● पूरे प्रदेश में फैलेगा अभियान
यह अभियान चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के 95 विकासखंडों, 670 न्याय पंचायतों और 11,440 गांवों तक पहुंचेगा। प्रत्येक चरण में संवाद, प्रशिक्षण और जागरूकता के माध्यम से कृषकों को उन्नत जानकारी और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
अभियान के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया जाएगा:
मृदा परीक्षण और उसके आधार पर उन्नत फसल चयन
मौसम अनुकूल खेती और जल संरक्षण
कृषि उपकरणों एवं तकनीकों की जानकारी
जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
महिला कृषकों की भागीदारी में वृद्धि
● कल्याणकारी योजनाओं से मिल रहा है लाभ

प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं जैसे – पीएम किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री घस्यारी योजना, एकीकृत बागवानी विकास योजना आदि से किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। अब विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से इन योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
● किसानों में दिखा उत्साह

इस कार्यक्रम में सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। किसान समुदाय ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खुलेगा।
📌 निष्कर्ष: यह अभियान जहां एक ओर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगा, वहीं दूसरी ओर उन्हें जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार करेगा। यह उत्तराखंड को आत्मनिर्भर कृषि राज्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धमी
