अल्मोड़ा। लावारिस गोवंश को अब आशियाना मिलेगा। लावारिस गोवंश के लिए जिले के लिए सात गोशालाएं मंजूर हुई हैं। गोशालाओं के निर्माण के लिए 2.29 करोड़ रुपये की पहली किश्त मिल गई है।
नगर में लावारिस घूम रहे गोवंश को हर मौसम की मार झेलनी पड़ती है। इनके लिए आज तक कहीं छत की व्यवस्था नहीं है। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय गोवंश के लिए गोशाला बनाने के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने शासन को प्रस्ताव भेजा था। डीएम के प्रयास रंग लाए हैं। सरकार ने जिले के लिए सात गोशालाएं स्वीकृत की हैं। डीएम ने बताया कि शासन ने जिले के लिए सात गोशालाएं स्वीकृत की हैं। प्रथम किश्त के रूप में दो करोड 29 लाख 50 हजार लाख रुपये का बजट भी प्राप्त हो गया है।
फसलें रहेंगी सुरक्षित, उत्पात से मिलेगी निजात
जिलाधिकारी ने बताया कि अल्मोड़ा जिले में लावारिस गोवंश की वजह से किसान खेती करने से बचने लगे थे। आए दिन उन्हें फसलों को नुकसान होने की शिकायतें मिल रही थीं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान भी निराश्रित पशुओं की सबसे बड़ी समस्या के रूप में लोगों ने डीएम के समक्ष उठाई थी।
यहां बनेंगी गोशालाएं
जिले में भिकियासैंण के पटवारी क्षेत्र मानीला के रिखाड़, ताकुला के ककराड़, द्वाराहाट के ग्राम ऐना, भैंसियाछाना के ग्राम डालाकोट, चारा प्रक्षेत्र भैंसवाड़ा, श्री गुरु कृपा गो सुरक्षा समिति कसानीखेत जैखाल, देघाट में, नीब करौली महाराज गायत्री ट्रस्ट मासी में गोशालाओं का निर्माण किया जाएगा।
