Haridwar कोरोना जांच के नाम पर 2.41 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का मामला सामने आया था। मामला दर्ज होते ही अफसरों के पास कई सफेदपोशों के फोन भी पैरवी के लिए पहुंच रहे हैं।
कुंभ मेला 2021 के दौरान कोरोना जांच के नाम पर फर्जी बिलों के आधार पर करीब 2.41 करोड़ से अधिक की रकम सरकार से हड़प लेने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। नौवस पैथ लैब संचालक और उसकी साझेदार नामी डॉक्टर संध्या शर्मा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।
ईडी की रिपोर्ट के बाद षड्यंत्र, कूटरचित दस्तावेज, धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इसलिए पुलिस जल्द ही गिरफ्तारी कर सकती है। मामला दर्ज होते ही अफसरों के पास कई सफेदपोशों के फोन भी पैरवी के लिए पहुंच रहे हैं।
एंटीजन टेस्ट में हुआ फर्जीवाड़ा का खुलासा
बता दें कि बुधवार देर रात कोरोना जांच फर्जीवाड़े के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली में नौवस पैथ लैब की पार्टनर, उत्तरांचल टेस्ट ट्यूब बेबी की संचालक और शहर के खन्ना नगर के प्रेम हॉस्पिटल की मालिक डॉ. संध्या शर्मा, लैब संचालक और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बता दें कि कुंभ के दौरान कोरोना की आरटीपीसीआर जांच और एंटीजन टेस्ट में फर्जीवाड़ा होने का खुलासा हुआ था।
मामले में मैक्स कॉरपोरेट सर्विस कुंभ मेला, नलवा लैबोरेट्री प्राइवेट लिमिटेड हिसार और लाल चंदवानी पैथ लैब के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईडी चंडीगढ़ ने भी जांच की थी। ईडी की रिपोर्ट में सामने आया कि रानीपुर मोड स्थित नौवस पैथ लैब ने भी फर्जी तरीके से एंटीजन, रैपिड कोविड टेस्ट कर गलत तरीके से बिल बनाकर दो करोड़ 41 लाख 20 हजार 486 रुपये का भुगतान सरकार से लिया है।
लैब में की गई जांच के बारे में आईसीएमआर पोर्टल पर अधिकांश एंट्री नकली थी। पुलिस ने मामला दर्ज करते ही जांच तेज कर दी है। साक्ष्य जुटाने के साथ ही अन्य बिंदुओं पर जांच चल रही है। जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ उसके आधार पर जल्द ही गिरफ्तारी करने की भी तैयारी चल रही है। उधर, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल का कहना है कि मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।
