सरस महोत्सव के दौरान स्थानीय उत्पादों की बेहतर गुणवत्ता और मजबूत बाजार लिंकेज के उद्देश्य से एक दिवसीय क्रेता–विक्रेता बैठक का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्रामोत्थान परियोजना, जिला उद्योग केंद्र और मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें ग्रामीण उद्यमियों को सीधे बाजार से जोड़ने, विपणन प्रक्रिया को सरल बनाने और अनुभव साझा करने का सशक्त मंच मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी चम्पावत डॉ. जी.एस. खाती ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने उपस्थित उद्यमियों, समूह सदस्यों और क्रेताओं को संबोधित करते हुए स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, गुणवत्ता संवर्धन और विपणन विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच स्थानीय उत्पादकों को बाजार से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं और “एक जनपद–एक उत्पाद” जैसी पहलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। उन्होंने गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग को अपनाने की अपील भी की।
बैठक की खास विशेषता वन-टू-वन क्रेता–विक्रेता संवाद रही, जिसमें हस्तशिल्प, कृषि आधारित उत्पाद, पारंपरिक खाद्य सामग्री और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया। क्रेताओं ने उत्पादों की गुणवत्ता, मूल्य निर्धारण और आपूर्ति क्षमता पर विस्तार से चर्चा की। बायर–सेलर मीट में मोनाल एफपीओ चंपावत की संचालक अनीता बोरा ने मूल्यवर्धन एवं विपणन रणनीतियों पर विचार रखे। हेता प्रतिनिधि निशा बिष्ट ने डेयरी उत्पादों के संग्रहण एवं प्रसंस्करण, माटी संस्थान के संदीप भट्ट ने हस्तशिल्प उत्पादों, अमित कुमार ने लौह उत्पादों तथा रघुवर मुरारी ने कृषि उत्पादों की उपलब्धता और विपणन रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।
समापन सत्र में मोनाल एफपीओ चंपावत एवं संकुल संघों के मध्य लगभग 50 लाख रुपये के एमओयू पर सहमति बनी। अगली बैठक में दस्तावेजीकरण प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी, जिससे स्थानीय उत्पादों की नियमित आपूर्ति और दीर्घकालिक बाजार सुनिश्चित हो सकेगा। यह समझौता जनपद के उद्यमियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक विम्मी जोशी, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक पंकज तिवारी, एमएसएमई के सहायक निदेशक अजय मोहन, सुमेधा पंत, एमसीएफ देहरादून से कुणाल सावरकर, डीपीएम रीप ममराज चौहान, डीडीएम नाबार्ड, आरबीआई बिजनेस इन्क्यूबेशन मैनेजर पंकज तथा उद्यमिता विकास विशेषज्ञ विश्वदीपक सहित कई अधिकारियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में कुल 235 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की। संचालन सहायक प्रबंधक रीप प्रकाश चंद्र पाठक द्वारा किया गया।
