उत्तराखंड उत्तरकाशी :प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के ऊपर बादल फटा। इसके बाद महज 20 सेकंड के भीतर खीरगंगा नदी का पानी और मलबा मुख्य बाजार की ओर मुड़ गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वे सुरक्षित जगह पर पहुंच पाते, सैलाब ने सब कुछ तबाह कर दिया।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। ऊंचाई वाले इलाके में बादल फटा, जिससे खीरगंगा नदी में सैलाब आ गया। पहाड़ से तेजी के साथ नीचे उतरा पानी अपने साथ 20-25 होटल, घर और होम स्टे को बहा ले गया। धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है। प्रसिद्ध कल्प मंदिर भी मलबे में बह गया है। चार लोगों की मौत हुई है और 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके कुछ देर बाद सुखी टॉप पर भी बादल फटने की घटना सामने आई, लेकिन उसमें किसी तरह के नुकसान की अभी जानकारी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर स्थिति की जानकारी ली है और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
20 सेकंड में मच गई तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के ऊपर बादल फटा। इसके बाद महज 20 सेकंड के भीतर खीरगंगा नदी का पानी और मलबा मुख्य बाजार की ओर मुड़ गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वे सुरक्षित जगह पर पहुंच पाते, सैलाब ने सब कुछ तबाह कर दिया। वहां मौजूद कई होटल, रिसॉर्ट, दुकानें, घर और सेब के बगीचे जमींदोज हो गए। वहां चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते पूरा बाजार मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस-प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि चार लोगों की मौत हुई है। होटलों और बाजार में जहां-तहां फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हर्षिल में राहत शिविर स्थापित किया गया है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। जमींदोज हुए घरों में लोगों की तलाश की जा रही है। भूस्खलन के चलते रास्ते बंद हैं, इसलिए बचाव दलों को मौके पर पहुंचने पर मुश्किलें आ रही हैं। धराली गंगोत्री धाम के रास्ते में मुख्य पड़ाव है। यहां कई होटल, रेस्टोरेंट और होमस्टे हैं, दो धराली को दो हिस्सों में बांटती खीर गंगा नदी के किनारे बने हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य
सेना, ITBP, NDRF, SDRF व स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से अब तक लगभग 130 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा चुके हैं ।
SDRF ने घटनास्थल पर तीन टीमें भेजी, ITBP ने 16‑सदस्यीय टीम रवाना की और NDRF‑SDRF का संयुक्त अभियान तेज किया गया है ।
वायुसेना के MI‑17, चीता और ALH हेलिकॉप्टर तैयार हैं, मौसम सुधारते ही राहत सामग्री व हवाई बचाव के लिए उड़ान भरेंगे ।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने संभाली कमान और नजर रखी
CM पुष्कर सिंह धामी ने आपदा की सूचना मिलते ही अपने तिरुपति दौरे को स्थगित कर देहरादून लौटकर राज्य आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति की समीक्षा की ।
तीन वरिष्ठ IAS अधिकारी—अभिषेक रुहेला, मेहरबान सिंह बिष्ट और गौरव कुमार—को रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी व समन्वय के लिए मैदान में उतारा गया है ।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को घायलों के लिए अस्पतालों में बेड आरक्षित करना और विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम तैनात करना का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है; चिकित्सकों के अवकाश तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं
जिला मुख्यालय और नियंत्रण कक्षों के माध्यम से relief coordination जारी है; प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, गृह सचिव शैलेश बगौली, DG पुलिस दीपम सेठ सहित अन्य अधिकारी सक्रिय हैं ।
नेताओं की प्रतिक्रिया एवं शोक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए सीएम धामी से स्थिति पर चर्चा की, और पीड़ितों की हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम धामी को फोन कर केंद्र सरकार की मदद का आश्वासन दिया; उन्होंने राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश भी दिए ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर संवेदना व्यक्त की:
> “उत्तराखंड के धराली क्षेत्र में बादल फटने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। भगवान बदरी विशाल से प्रभावित लोगों के कुशलता की प्रार्थना।”
प्रियंका गांधी वाड्रा (कांग्रेस) ने भी दुःख जताया और राज्य सरकार से पीड़ितों को राहत व मुआवजा प्रदान करने की अपील की ।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दुख एवं सहानुभूति व्यक्त की, कार्यकर्ताओं से राहत कार्यों में सहयोग की अपील की ।
हिमाचल प्रदेश सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संवेदना जताते हुए भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने हेतु पर्यावरणीय संतुलन पर विचार करने की बात कही
राहत कार्य में शामिल प्रमुख अधिकारी एवं एजेंसियाँ
भूमिका/संस्था विवरण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी – समन्वय एवं समीक्षा
IAS अधिकारी अभिषेक रुहेला, मेहरबान सिंह बिष्ट, गौरव कुमार – रेस्क्यू संचालन की निगरानी
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार – चिकित्सा समन्वय व अस्पताल व्यवस्थापन
प्रभारी मुख्य सचिव आर. के. सुधांशु – आपदा सूचना से वरिष्ठ स्तर तक नियंत्रण
सेना और एजेंसियाँ भारतीय सेना, ITBP, SDRF, NDRF, पुलिस – बचाव कार्य
वायुसेना MI‑17, चीता, ALH हेलिकॉप्टर तैयारी में हैं
प्राकृतिक मौसम स्थिति और आगे की चुनौतियाँ
मौसम विभाग ने धराली में अगले 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश से मार्ग बाधित होने की संभावनाएँ बनी हुई हैं जिससे राहत कार्यों में बाधा आ सकती है ।
मलबा और भूस्खलन से कई मार्ग व आपदा स्थल अवरुद्ध है। सड़कों को जल्द खोलने तथा वायु सहायता की व्यवस्था की जा रही है ।
हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला प्रशासन ने 01374222126, 222722 और 9456556431 नंबर जारी किया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, हरिद्वार से 01374-222722, 7310913129, 7500737269 टोल फ्री नंबर-1077, ईआरएसएस टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से 0135-2710334, 2710335, 8218867005, 9058441404 और टोल फ्री नंबर 1070, ईआरएसएस टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं।
