भाजपा विधायक आदेश चौहान को सीबीआई कोर्ट ने ठहराया दोषी,
हरिद्वार – उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा भूचाल उस वक्त आया जब रानीपुर से भाजपा विधायक आदेश चौहान को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया। अदालत ने विधायक को छह महीने की कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला एक लंबे समय से चले आ रहे दहेज उत्पीड़न और मारपीट के मामले में सुनाया गया, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मामले की शुरुआत विधायक आदेश चौहान की भतीजी दीपिका के विवाहिक विवाद से हुई। दीपिका के पति मनीष ने गंभीर आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने शिकायत में न सिर्फ दहेज उत्पीड़न बल्कि जान से मारने की धमकी और मारपीट के भी आरोप लगाए थे। मनीष ने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस की मिलीभगत से निष्पक्ष जांच नहीं हो रही, जिसके बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपी।
CBI ने साक्ष्यों की गहराई से पड़ताल की और रिपोर्ट अदालत में पेश की। जांच में यह भी सामने आया कि तीन पुलिसकर्मी इस पूरे मामले में आरोपी थे, जिनमें से एक की मृत्यु हो चुकी है। शेष दो—दिनेश और राजेंद्र—को भी कोर्ट ने दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। साथ ही विधायक की भतीजी दीपिका और चार अन्य लोग भी दोषी करार दिए गए।
CBI कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जा सकता, चाहे वह किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक पद पर क्यों न हो। कोर्ट ने विधायक को छह महीने की सजा सुनाई, जबकि अन्य आरोपियों को एक-एक साल की सजा दी गई है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया:
इस मामले ने उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने भाजपा से विधायक को तत्काल पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है, जबकि भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। क्षेत्रीय जनता के बीच भी इस खबर को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
