देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस की एक कर्मठ, समर्पित और अनुकरणीय अधिकारी श्रीमती बिमला गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, सतर्कता मुख्यालय, उत्तराखण्ड आज सेवानिवृत्त हो गईं। इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय, देहरादून स्थित सभागार में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में उत्तराखण्ड पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री वी. मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन श्री ए.पी. अंशुमान सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने श्रीमती गुंज्याल की चार दशकों से अधिक की सेवा यात्रा को प्रेरणादायक बताते हुए उनके उत्कृष्ट कार्य, अनुशासित नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।

पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने कहा, “श्रीमती बिमला गुंज्याल एक संवेदनशील, अनुशासित और दूरदर्शी अधिकारी रही हैं, जिन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस के विभिन्न दायित्वों को गरिमा और दक्षता के साथ निभाया। उनके शांत और संतुलित व्यक्तित्व से सभी प्रेरित होते रहे हैं।” उन्होंने गुंज्याल जी को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपने विदाई भाषण में श्रीमती बिमला गुंज्याल ने सभी सहयोगियों और अधिकारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि टीम के समर्थन और सहयोग के बिना यह लंबा सफर संभव नहीं था।
उल्लेखनीय सेवाएँ और उपलब्धियाँ
श्रीमती बिमला गुंज्याल का जन्म 15 मई 1965 को पिथौरागढ़, उत्तराखण्ड में हुआ। उन्होंने श्रीनगर गढ़वाल विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 1990 में प्रांतीय पुलिस सेवा में चयनित हुईं। मुरादाबाद, लखनऊ, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर और देहरादून सहित कई जनपदों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वर्ष 2011 में आईपीएस में इंडक्शन हुआ और 2004 बैच आवंटित हुआ। रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी, एससीआरबी, आईआरबी द्वितीय के सेनानायक जैसे दायित्वों को कुशलतापूर्वक निभाने के बाद उन्हें वर्ष 2018 में पुलिस उप महानिरीक्षक और 2022 में पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया।
सेवा के दौरान उन्हें भारत सरकार द्वारा 2012 में पुलिस पदक और 2019 में राष्ट्रपति का उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किया गया।
श्रीमती गुंज्याल की विदाई केवल एक सेवा निवृत्ति नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड पुलिस के एक युग का समापन है, जिसने संवेदनशील प्रशासन और प्रेरणादायक नेतृत्व की मिसाल कायम की।
