अंकिता भंडारी का मामला न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश की भावनाओं से जुड़ा रहा। मैं समस्त देशवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था से कोई खिलवाड़ न कर सकेगा।
घटना की जानकारी मिली, मैंने तुरंत इसे राज्य पुलिस से लेकर नागरिक पुलिस तक स्थानांतरित कराया। इसके बाद मामले की जांच किया जांच दल एसआईटी को सौंप दी गई। पुलिस और अभियोजन की गई, ताकि दोषियों को कठोरतम और त्वरित सजा मिल सके।
दोषियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया और अंकिता भंडारी का रिसॉर्ट बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। इस मामले की सुनवाई तेजी से पूरी की गई और 500 पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर दो साल आठ महीने के भीतर फैसला आना न्याय प्रणाली की तत्परता और हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
अंकिता भंडारी का यह मामला न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश की भावनाओं से जुड़ा रहा। मैं समस्त देशवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उत्तराखंड में कानून और व्यवस्था से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकेगा।
राज्य में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु अपराधियों, माफियाओं और अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कोई भी अपराधी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के दायरे से बाहर नहीं है। सरकार इस मामले में पूरी तरह से सक्रिय और तेज न्यायिक प्रक्रिया में जनता का विश्वास मजबूत किया है।
उत्तराखंड को अलग राज्य बने 25 वर्ष हो चुके हैं। राज्य निर्माण के लिहाज से यह लंबा समय नहीं है, लेकिन इन वर्षों में प्रदेश ने तेजी से विकास किया है। विकास के साथ कई नई चुनौतियां और सामाजिक बुराइयां भी सामने आती हैं। हमारी कोशिश यही है कि हम इन समस्याओं की जड़ से समाप्त करें ताकि एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण समाज का निर्माण हो सके। हमारा उत्तराखंड एक शांत, सौम्य और संकल्पित राज्य है और हम इसे अपराधमुक्त उत्तराखंड के निर्माण में सबका साथ चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
