नगर निगम देहरादून ने नागरिकों को कचरा पृथक्करण का महत्व समझाया, खुले में कूड़ा न जलाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील

देहरादून। नगर निगम देहरादून द्वारा शहर में वायु प्रदूषण की रोकथाम, स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्रोत पर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। महापौर एवं नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय के मार्गदर्शन और निर्देशन में आयोजित अभियान के तहत नागरिकों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान नगर निगम की टीम ने नागरिकों को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए इससे बचाव के उपाय बताए। लोगों से खुले में कूड़ा एवं सूखी पत्तियां न जलाने, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई। इसके साथ ही प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग और पौधारोपण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
नगर निगम की ओर से विशेष रूप से स्रोत पर कचरा पृथक्करण (सोर्स सेग्रीगेशन) के महत्व की जानकारी दी गई। नागरिकों को घरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले गीले, सूखे और घरेलू हानिकारक कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया गया। बताया गया कि रसोई का जैविक कचरा, फल-सब्जियों के छिलके और बचा हुआ भोजन गीले कचरे में, जबकि प्लास्टिक, कागज, धातु और कांच जैसी पुनर्चक्रण योग्य सामग्री सूखे कचरे में शामिल हैं। वहीं बैटरी, बल्ब, पेंट के डिब्बे और एक्सपायर्ड दवाइयों जैसे हानिकारक अपशिष्ट को अलग रखने की आवश्यकता बताई गई।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की कि वे घरों से ही कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित कर उसे निर्धारित व्यवस्था के अनुसार निगम के कूड़ा संग्रहण वाहनों को सौंपें, जिससे कचरे का उचित निस्तारण एवं पुनर्चक्रण किया जा सके।
अभियान के दौरान क्षेत्रीय पार्षदगण एवं चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर भी उपस्थित रहे। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जनसहभागिता बेहद आवश्यक है। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय के निर्देशन में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ ही नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नगर निगम ने शहरवासियों से स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त देहरादून के निर्माण में सक्रिय सहयोग की अपील की।
