बिना लाइसेंस वाहन बेचने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई, अवैध रूप से संचालित टुक-टुक किए जाएंगे सीज
जनसुनवाई में आयुक्त ने मौके पर वापस दिलाए 25 हजार रुपये, लापरवाही पर लेखपाल और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को लगाई फटकार
हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। जनसुनवाई में अवैध वाहन बिक्री, धोखाधड़ी, भूमि विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना, भवन निर्माण, नक्शा स्वीकृति में देरी और बीमा भुगतान सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई। आयुक्त ने कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान कराया, जबकि अन्य मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
अवैध टुक-टुक कारोबार पर सख्ती, चार हजार वाहनों की होगी जांच
जनसुनवाई के दौरान हल्द्वानी में बिना वैध व्यावसायिक लाइसेंस के टुक-टुक बेचे जाने का मामला सामने आने पर आयुक्त दीपक रावत ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने परिवहन विभाग को शहर में संचालित सभी टुक-टुक के पंजीकरण की जांच करने तथा बिना पंजीकरण संचालित पाए जाने वाले वाहनों को सीज कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एआरटीओ एस.के. सिंह ने बताया कि हल्द्वानी शहर में लगभग चार हजार टुक-टुक संचालित हो रहे हैं। इस पर आयुक्त ने अवैध रूप से वाहन बेचने वाले प्रतिष्ठानों, दुकानों और संबंधित स्थानों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना वैध बिक्री लाइसेंस के व्यावसायिक रूप से वाहन बेचना और बिना पंजीकरण उन्हें सड़कों पर उतारना गंभीर कानूनी मामला है। मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टुक-टुक खरीद में धोखाधड़ी, मौके पर वापस दिलाए 25 हजार रुपये
नई बस्ती जीतपुर नेगी निवासी सुरेश मौर्य ने शिकायत की कि उन्होंने जमीर अहमद से टुक-टुक खरीदा था, लेकिन संबंधित फर्म का व्यावसायिक लाइसेंस नवीनीकृत नहीं होने के कारण वाहन का पंजीकरण नहीं हो सका। पूछताछ में सामने आया कि इसी प्रकार कई अन्य लोगों को भी वाहन बेचे गए हैं, जिनका पंजीकरण नहीं हो पाया।
आयुक्त ने जमीर अहमद को तलब कर मामले की जानकारी ली और प्रभावित लोगों की धनराशि वापस करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि धनराशि वापस नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त के हस्तक्षेप से सुरेश मौर्य को मौके पर ही 25 हजार रुपये वापस दिलाए गए तथा शेष धनराशि भी लौटाने के निर्देश दिए गए।
वहीं, विठौरिया निवासी रोहित कुमार की टुक-टुक खरीद में धोखाधड़ी संबंधी शिकायत पर आयुक्त ने संबंधित पक्ष को एक सप्ताह के भीतर वाहन का पंजीकरण कराने और एआरटीओ को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भूमि संबंधी जानकारी नहीं देने पर लेखपाल को फटकार, तीन दिन में निस्तारण के निर्देश
जनसुनवाई में माला फतेहपुर निवासी गरिमा रावत ने शिकायत की कि कई बार संपर्क करने के बावजूद क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा उन्हें अपनी भूमि के अंश और विवरण की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
इस पर आयुक्त दीपक रावत ने संबंधित लेखपाल को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने लेखपाल को अगले तीन दिन तक अवकाश नहीं लेने तथा इसी अवधि में भूमि का अंश निकालकर शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
घोड़े की मृत्यु के बाद बीमा राशि नहीं मिलने पर विभागीय जांच के आदेश
ओखलकांडा के ग्राम बडौन निवासी गणेश सिंह ने घोड़े की मृत्यु के बाद बीमा राशि का भुगतान नहीं होने की शिकायत की। आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी से जवाब तलब किया।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि घोड़े का बीमा नहीं हुआ था तो पशुपालक को इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं दी गई। आयुक्त ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को विभागीय जांच कराने तथा अपर निदेशक पशुपालन विभाग, कुमाऊं मंडल आर.एस. को भी मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बिना स्वामित्व हस्तांतरण वाहन बेचने पर 18 हजार रुपये जुर्माने के निर्देश
जनसुनवाई में ईसाई लामाचौड़ निवासी मनवीर सिंह ने वसूली की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता द्वारा वाहन का स्वामित्व आरटीओ कार्यालय में हस्तांतरित कराए बिना ही वाहन बेच दिया गया था।
इस पर आयुक्त ने एआरटीओ हल्द्वानी को नियमानुसार 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहन बेचने के बाद उसका विधिवत स्वामित्व हस्तांतरण कराना आवश्यक है। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में किसी दुर्घटना अथवा अन्य कानूनी मामले में पंजीकृत वाहन स्वामी की जिम्मेदारी बन सकती है।
जनसुनवाई में ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़ ने रामड़ी आनसिंह क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ी पारंपरिक घराट (पनचक्की) के पुनरुद्धार का मामला उठाया।
आयुक्त दीपक रावत ने इसे उत्तराखंड की ऐतिहासिक एवं पर्यावरण-अनुकूल धरोहर बताते हुए मुख्य अभियंता सिंचाई एस.के. शुक्ला को घराट के पुनरुद्धार का आकलन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक घराट का पुनरुद्धार होने से स्थानीय लोगों को पनचक्की में पिसा पौष्टिक आटा उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही इसका संचालन महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कराया जाएगा, जिससे महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
आवास, जमीन और नक्शा स्वीकृति सहित कई शिकायतों की सुनवाई
जनसुनवाई में बजूनियाहल्दू निवासी सुरेश चंद्र ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराने, नैनीताल निवासी चंद्रशेखर ने प्राधिकरण द्वारा भवन का नक्शा स्वीकृत करने में देरी, काशीपुर निवासी राजेश कुमार ने 42 लाख रुपये देने के बावजूद प्लॉट नहीं मिलने, रमा नेगी ने भूमि पर जबरन कब्जा करने तथा आनंद सिंह सूर्या ने विद्युत पोल हटाने संबंधी शिकायतें रखीं।
आयुक्त ने संबंधित पक्षों और अधिकारियों से जानकारी लेकर अधिकांश मामलों का आपसी सहमति के आधार पर समाधान कराया तथा शेष प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : दीपक रावत
आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनसुनवाई के दौरान आयुक्त के सख्त रुख से जहां कई शिकायतकर्ताओं को तत्काल राहत मिली, वहीं संबंधित विभागों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण का स्पष्ट संदेश भी दिया गया।
