हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से शंकराचार्य चौक के पुनर्निर्माण की कवायद तेज, राजस्थानी स्थापत्य कला और आकर्षक नक्काशी से निखरेगा चौक
हाईवे पर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विकसित होगा नया आकर्षण केंद्र
हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के बीच धर्मनगरी हरिद्वार को सुव्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में विकास कार्यों ने गति पकड़ ली है। मेलाधिकारी सोनिका के नेतृत्व में कुंभ मेला क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की ओर से हाईवे पर स्थित ऐतिहासिक शंकराचार्य चौक को नए स्थान पर स्थानांतरित कर भव्य स्वरूप प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
कुंभ मेले के दृष्टिगत महत्वपूर्ण माने जा रहे इस सौंदर्यीकरण कार्य में धार्मिक आस्था, पारंपरिक स्थापत्य कला और आधुनिक शहरी विकास का समन्वय देखने को मिलेगा। पुनर्निर्मित चौक को राजस्थानी स्थापत्य शैली में विकसित करने की योजना है। इसमें पारंपरिक राजस्थानी पत्थरों पर आकर्षक नक्काशी के माध्यम से चौक को विशिष्ट पहचान दी जाएगी। चौक के मध्य आदि जगद्गुरु शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा स्थापित किए जाने के साथ चारों ओर आकर्षक फव्वारों की व्यवस्था प्रस्तावित है।
मेलाधिकारी सोनिका की देखरेख में कुंभ से जुड़े विकास कार्यों में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन को प्राथमिकता दी जा रही है। शंकराचार्य चौक का स्थानांतरण भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। वर्तमान में हाईवे के मध्य स्थित चौक के कारण यातायात संचालन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इसे अधिक व्यवस्थित स्थान पर विकसित किया जा रहा है। इससे यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ चौक के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को भी संरक्षित किया जा सकेगा।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से प्रस्तावित चौक के सौंदर्यीकरण में निर्माण की गुणवत्ता के साथ पारंपरिक वास्तुकला को विशेष महत्व दिया जा रहा है। राजस्थानी पत्थरों की नक्काशी और आदि शंकराचार्य की प्रतिमा इस स्थल को धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान प्रदान करेंगी। कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह स्थल आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
कुंभ मेला 2027 की तैयारियों में मेलाधिकारी सोनिका के नेतृत्व में विकास कार्यों के साथ शहर की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को भी महत्व दिया जा रहा है। शंकराचार्य चौक का पुनर्निर्माण इसी व्यापक विकास प्रक्रिया का हिस्सा है। इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल हाईवे की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि धर्मनगरी की धार्मिक गरिमा और सौंदर्य में भी वृद्धि होगी।
कुंभ के बाद भी बनी रहेगी विकास कार्यों की पहचान
कुंभ मेले के लिए तैयार की जा रही स्थायी संरचनाओं का लाभ आयोजन के बाद भी स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिल सकेगा। शंकराचार्य चौक का नया स्वरूप इसी उद्देश्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। धार्मिक विरासत के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ हरिद्वार को नई पहचान देने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
