डॉ. राजीव चौहान और डॉ. राकेश जोशी की सेवाओं से बाहरी अस्पतालों का रुख कम कर रहे मरीज, ओपीडी में लगातार इजाफा।
एक समय सीमित संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझने वाला जिला चिकित्सालय लोहाघाट अब धीरे-धीरे अपने पुराने गौरव को प्राप्त करता नजर आ रहा है। अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान तथा फिजिशियन डॉ. राकेश जोशी की उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं और मरीजों के प्रति समर्पित कार्यशैली ने क्षेत्रीय जनता का भरोसा मजबूत किया है। परिणामस्वरूप अब बड़ी संख्या में मरीजों को उपचार के लिए बाहरी शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है।
अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। जहां अधिकांश अस्पतालों में दोपहर बाद सन्नाटा पसर जाता है, वहीं उपजिला चिकित्सालय लोहाघाट में चिकित्सक देर शाम तक मरीजों को देख रहे हैं। डॉ. राजीव चौहान और डॉ. राकेश जोशी अपने पास पहुंचे प्रत्येक मरीज का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के बाद ही विश्राम करते हैं, भले ही इसके लिए उन्हें निर्धारित समय से कई घंटे अधिक अस्पताल में रुकना पड़े। प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गिरी तथा रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सोनाली मल्होत्रा की सेवाओं ने भी अस्पताल की साख को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। जटिल मामलों में बेहतर उपचार और सफल चिकित्सकीय हस्तक्षेप से महिलाओं का विश्वास अस्पताल पर लगातार बढ़ रहा है।
काशीपुर से स्थानांतरित होकर आए हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान की विशेषज्ञता के कारण हड्डी रोगियों को सटीक उपचार मिल रहा है। वर्तमान में वे प्रतिमाह 50 से अधिक ऑपरेशन कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि काशीपुर और अन्य क्षेत्रों से भी मरीज उपचार के लिए लोहाघाट पहुंच रहे हैं। उनके कक्ष में प्रतिदिन लगभग 150 से 200 मरीजों की ओपीडी हो रही है। इसी प्रकार फिजिशियन डॉ. राकेश जोशी प्रतिदिन 250 से अधिक मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
हालांकि अस्पताल में ओटी टेक्नीशियन की कमी तथा विभिन्न जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध न होने जैसी समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं, जो चिकित्सा सेवाओं की गति को प्रभावित कर रही हैं। अस्पताल के बदलते स्वरूप और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण अब केवल लोहाघाट ही नहीं, बल्कि जिले के दूरस्थ बाराकोट, पाटी और अन्य विकासखंडों के साथ-साथ पड़ोसी जिलों की सीमावर्ती क्षेत्रों से भी लोग यहां उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
लोहाघाट में बने चंदन लैब का कलेक्शन सेंटर, मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ।
लोहाघाट। जिला चिकित्सालय में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए क्षेत्रीय लोगों ने चंदन लैब का कलेक्शन सेंटर लोहाघाट में स्थापित करने की मांग उठाई है। वर्तमान में इस सुविधा के अभाव में दूरस्थ लधियाघाटी, पनारघाटी तथा अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को जांच रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए कई दिनों तक रुकना पड़ता है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी का कहना है कि यदि लोहाघाट में चंदन लैब का कलेक्शन सेंटर स्थापित हो जाता है तो जांच रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध हो सकेगी, जिससे मरीजों का उपचार भी तेजी से हो पाएगा। जिले के केंद्र बिंदु के रूप में विकसित हो रहे लोहाघाट को यह सुविधा मिलने से हजारों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।
